मटर की फसल में इंडियाग्रो (Indiagro) प्रोडक्ट्स का जादुई रिजल्ट: रसायनिक vs जैविक खेती का लाइव सबूत!

🌱 मटर की फसल में इंडियाग्रो (Indiagro) प्रोडक्ट्स का जादुई रिजल्ट: रसायनिक vs जैविक खेती का लाइव सबूत!


नमस्ते किसान भाइयों, मैं कमलेश पांचाल!

आज मैं आपके साथ एक ऐसा अनुभव साझा करने जा रहा हूँ जो न केवल आपकी खेती की उपज बढ़ा सकता है, बल्कि आपकी आय को भी दोगुना कर सकता है। अक्सर हम सुनते हैं कि जैविक खेती (Organic Farming) में समय लगता है या रिजल्ट धीरे आते हैं, लेकिन आज मैं आपको मटर की खेती का एक ऐसा लाइव उदाहरण दिखाऊंगा जो आपकी सोच बदल देगा।

हाल ही में मैंने एक खेत का दौरा किया जहाँ हमने इंडियाग्रो (IndiaGro) के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया और उसका मुकाबला पास के ही एक ऐसे खेत से किया जहाँ पारंपरिक यूरिया और रसायनिक खादों (Chemical Fertilizers) का इस्तेमाल हुआ था।

परिणाम?   जमीन-आसमान का अंतर!

लाइव केस स्टडी: इंडियाग्रो vs रसायनिक खेती

लाइव केस स्टडी: इंडियाग्रो vs रसायनिक खेती

हमने एक ही समय पर, आस-पास के दो खेतों में मटर की बुवाई की।

  1. पहला खेत: यहाँ हमने इंडियाग्रो के भू-अस्त्र (Bhustra), एमआई स्प्रे (Mi Spray) और ग्रो मैजिक (Grow Magic) का इस्तेमाल किया।

  2. दूसरा खेत: यहाँ किसान भाई ने अपना पुराना तरीका यानी यूरिया और पेस्टिसाइड का इस्तेमाल किया।

जब फसल तैयार हुई, तो हमने जो देखा वह हैरान करने वाला था:

इंडियाग्रो (Indiagro) प्रोडक्ट्स के 5 जबरदस्त फायदे जो हमने देखे:

इंडियाग्रो (Indiagro) प्रोडक्ट्स के 5 जबरदस्त फायदे जो हमने देखे:

1. पैदावार में दोगुना अंतर: इंडियाग्रो वाले खेत में मटर के पौधों पर फलियों की संख्या रसायनिक खेत के मुकाबले लगभग दोगुनी थी। जहाँ रसायनिक खेत में पौधे छोटे रह गए और फलियाँ कम आईं, वहीं हमारे जैविक खेत में पौधे फलों से लदे हुए थे।

2. फलियों की क्वालिटी और साइज़: इंडियाग्रो वाले मटर की फलियाँ लंबी (4 इंच से ज्यादा) और दाने मोटे व एक समान थे। जबकि रसायनिक खेती वाली फलियाँ छोटी-बड़ी थीं और उनमें दाने भी पूरी तरह नहीं भरे थे।

3. स्वाद और मिठास: जब हमने इंडियाग्रो वाले मटर को चखा, तो वह मिश्री जैसा मीठा था। किसान भाई ने खुद माना कि रसायनिक खाद वाले मटर में वह स्वाद और मिठास नहीं थी।

4. पाले (Frost) से सुरक्षा: इस साल भयंकर सर्दी और पाला पड़ा। रसायनिक खाद वाले खेत में पाले की वजह से फसल को काफी नुकसान हुआ, पौधे झुलस गए। लेकिन इंडियाग्रो वाले खेत में, जहाँ हमने अपने प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया, फसल हरी-भरी खड़ी रही और पाले का उस पर कोई खास असर नहीं हुआ।

5. बाज़ार भाव में बढ़ोतरी: मंडी में ले जाने पर क्वालिटी का पैसा मिलता है। किसान भाई ने बताया कि इंडियाग्रो वाले मटर की चमक और क्वालिटी देखकर खरीदार उसे मार्केट से ज्यादा भाव में खरीदने को तैयार हो जाते हैं।


किसान की जुबानी


हमारे किसान साथी पप्पू जी, जिन्होंने यह प्रयोग अपने खेत में किया, उनका कहना है:

"साहब, दिन-रात का फर्क है! इंडियाग्रो वाले खेत में न केवल पैदावार ज्यादा है, बल्कि खर्चा भी कम हुआ। रसायनिक खेती में मेहनत ज्यादा लगी और हाथ कुछ नहीं आया। अगली बार से मैं पूरे खेत में सिर्फ इंडियाग्रो के ही प्रोडक्ट इस्तेमाल करूँगा।"


निष्कर्ष

किसान भाइयों, यह वीडियो और ब्लॉग पोस्ट इस बात का सबूत है कि सही तकनीक और सही जैविक उत्पादों (Indiagro Products) का उपयोग करके हम खेती को घाटे का सौदा होने से बचा सकते हैं। इससे न केवल हमारी धरती माँ की उपजाऊ क्षमता बनी रहती है, बल्कि हमें, हमारे परिवार और समाज को जहर मुक्त भोजन भी मिलता है।

सही तकनीक और सही जैविक उत्पादों (Indiagro Products) का उपयोग करके हम खेती को घाटे का सौदा होने से बचा सकते हैं।

अगर आप भी अपनी फसल में ऐसा ही रिजल्ट चाहते हैं, तो आज ही रसायनिक खेती छोड़ें और इंडियाग्रो के साथ जैविक खेती की शुरुआत करें।

जय हिंद, जय Mi Lifestyle!


वीडियो देखें: पूरी जानकारी और लाइव सबूत देखने के लिए नीचे दिए गए वीडियो को आप देख सकते हैं


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