सांसों की आज़ादी: Elements Wellness Ayushwaas के साथ पाएं मज़बूत फेफड़े और बेमिसाल इम्युनिटी
क्या आप खुलकर सांस ले पा रहे हैं?
आज
के समय में, जब
हमारे आसपास का वातावरण प्रदूषण
(Pollution), धुआं और धूल से
भरा हुआ है, "खुलकर
सांस लेना" एक विलासिता (Luxury) बन गया
है। बढ़ता हुआ शहरीकरण, गाड़ियों
का धुआं, फैक्ट्रियों से निकलता प्रदूषण
और हर साल बढ़ता
AQI (Air Quality Index) का
स्तर —ये सब मिलकर
हमारे शरीर के सबसे
महत्वपूर्ण लेकिन सबसे नजरअंदाज किए
जाने वाले अंग पर
हमला कर रहे हैं,
और वह है हमारे
फेफड़े (Lungs)।
Elements Wellness Ayushwaas क्या है? (What is Elements Wellness Ayushwaas?)
बाजार
में स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की बाढ़ सी
आई हुई है, लेकिन
Elements Wellness Ayushwaas उन
सब से अलग अपनी
एक विशेष पहचान रखता है। यह
कोई साधारण कफ सिरप या
सामान्य च्यवनप्राश नहीं है। यह
एक विशिष्ट रूप से तैयार
किया गया आयुर्वेदिक अवलेह
(Ayurvedic Avaleha) है
यह प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति पर आधारित है,
जिसे
आधुनिक विज्ञान (Modern Science) की कसौटी पर परखा
गया है।
'अवलेह' क्या
होता है? आयुर्वेद में 'अवलेह' एक
अर्द्ध-ठोस (semi-solid) औषधि को कहते
हैं जिसे जड़ी-बूटियों
के काढ़े (Decoction) को गुड़, चीनी
या शहद के साथ
धीमी आंच पर पकाकर
जैम जैसा बनाया जाता
है। इस प्रक्रिया से
जड़ी-बूटियों के गुण और
बढ़ जाते हैं और
वे शरीर में आसानी
से अवशोषित (Absorb) हो जाते हैं।
यह क्यों खास है? (Why Choose Elements Wellness Ayushwaas?)
बाज़ार
में कई च्यवनप्राश और
टॉनिक उपलब्ध हैं, तो Ayushwaas ही
क्यों? इसका जवाब है
इसका अनोखा फॉर्मूला।
चमत्कारी जड़ी-बूटियाँ (Key Ingredients & Their Benefits)
Elements Wellness Ayushwaas की असली ताकत
इसके पोटेंट आयुर्वेदिक हर्ब्स (Potent Ayurvedic
Herbs) में छिपी है। बोतल
पर लिखे मुख्य घटकों
को देखकर ही पता चलता
है कि यह कितना
शक्तिशाली है। आइए इनके
फायदों पर नज़र डालें:
- मुनक्का
(Munakka):
- मुनक्का
फेफड़ों को ताकत देने के लिए जाना जाता है। यह एक बेहतरीन 'लंग टॉनिक' है जो गले की खराश को दूर करता है और सूखी खांसी में राहत देता है। इसमें मौजूद ऊर्जा आपको थकान महसूस नहीं होने देती।
- सिरिसा
(Sirisa):
- आयुर्वेद
में सिरिसा को 'विषघ्न' (विषाक्त पदार्थों को मारने वाला) माना जाता है। यह एलर्जी और अस्थमा (Asthma) जैसी समस्याओं के लिए एक रामबाण औषधि है। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर श्वसन तंत्र को साफ करता है।
- कंटकारी
(Kantakari):
- यह
जड़ी-बूटी गले और छाती में जमा कफ (Mucus) को बाहर निकालने में मदद करती है। अगर आपको बार-बार बलगम वाली खांसी होती है, तो कंटकारी बहुत राहत देती है।
- वासा
(Vasa):
- वासा
श्वसन नली (Windpipe) को फैलाने का काम करता है, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है। यह ब्रोंकाइटिस
(Bronchitis) के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है।
- मुलेठी
(Mulethi):
- मुलेठी
गले को तरावट देती है और इन्फेक्शन से बचाती है। यह आवाज को भी मधुर बनाती है और गले की सूजन को कम करती है।
- हरिद्रा
(Haridra/Turmeric):
- हल्दी
के गुणों से हम सभी वाकिफ हैं। यह एंटी-एलर्जिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाली) होती है। यह फेफड़ों के संक्रमण से लड़ती है और इम्युनिटी को बूस्ट करती है।
- जटामांसी
(Jatamansi):
- सांस
की तकलीफ अक्सर तनाव (Stress) और घबराहट से भी बढ़ती है। जटामांसी दिमाग को शांत करती है, जिससे आपको बेहतर नींद आती है और शरीर रिलैक्स रहता है।
Elements Wellness Ayushwaas के 7 बड़े फायदे
अगर
आप इस प्रोडक्ट को
अपनी दिनचर्या में शामिल करते
हैं, तो आपको निम्नलिखित
लाभ मिल सकते हैं:
- सांस
लेने में आसानी: यह श्वास नली की सूजन को कम करता है और उसे चौड़ा करता है, जिससे हवा का प्रवाह बेहतर होता है।
- एलर्जी
से सुरक्षा: धूल, परागकण (Pollen) या बदलते मौसम से होने वाली छींक और नाक बहने की समस्या (Rhinitis) में यह बहुत प्रभावी है।
- फेफड़ों
की डिटॉक्स: यह फेफड़ों में जमा पुराने कफ और प्रदूषण के कणों को साफ करने में मदद करता है।
- मज़बूत
इम्युनिटी:
इसमें मौजूद हर्ब्स आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाते हैं, जिससे आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते।
- अस्थमा
में सहायक: अस्थमा के रोगियों के लिए यह एक बेहतरीन सपोर्ट सप्लीमेंट है जो अटैक की तीव्रता को कम कर सकता है।
- खांसी
और जुकाम से राहत: चाहे सूखी खांसी हो या बलगम वाली, Ayushwaas दोनों में राहत प्रदान करता है।
- पूरे
परिवार के लिए सुरक्षित: इसका प्राकृतिक फॉर्मूलेशन इसे घर के बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक (डॉक्टर की सलाह पर) सभी के लिए उपयुक्त बनाता है।
सेवन विधि: इसका उपयोग कैसे करें? (How to Use)
किसी
भी आयुर्वेदिक औषधि का पूरा
लाभ तभी मिलता है
जब उसे सही तरीके
से लिया जाए।
इसलिए इसे खाना बहुत आसान और स्वादिष्ट है।
मात्रा (Dosage):
- वयस्क:
1 से 2 चम्मच (10 से 20 ग्राम) सुबह और शाम।
- बच्चे (5 वर्ष से ऊपर): आधा से 1 चम्मच (चिकित्सक की सलाह अनुसार)।
- सेवन
का तरीका:
- दूध
के साथ: सबसे अच्छा परिणाम पाने के लिए इसे एक कप गर्म दूध (Warm Milk) में घोलकर पिएं। दूध वासा और मुलेठी के गुणों को बढ़ाने में मदद करता है।
- गर्म
पानी के साथ: अगर आपको दूध से एलर्जी है (Lactose
Intolerant), तो आप इसे गर्म पानी के साथ भी ले सकते हैं।
- सीधे (Direct): इसे सीधे चम्मच से खाया जा सकता है। इसका स्वाद मीठा और हर्बल होता है।
- कब लें: सुबह नाश्ते के बाद और रात को सोने से 30 मिनट पहले।
जीवनशैली और आहार संबंधी सुझाव (Lifestyle Tips)
दवा
अपना काम करती है,
लेकिन अगर आप अपनी
लाइफस्टाइल में थोड़े बदलाव
करेंगे, तो Ayushwaas का असर दोगुना
हो जाएगा:
- ठंडी
चीजों से बचें: जब तक खांसी या सांस की तकलीफ है, फ्रिज का पानी, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करें।
- दही
का प्रयोग कम करें: आयुर्वेद के अनुसार दही 'अभिष्यंदी' (स्त्रोतों को ब्लॉक करने वाला) होता है, विशेषकर रात के समय दही या छाछ न लें।
- प्राणायाम
करें: रोज सुबह 10 मिनट 'अनुलोम-विलोम' और 'कपालभाति' प्राणायाम करें। इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है।
- हाइड्रेटेड रहें: दिन भर में कम से कम 3 लीटर गुनगुना पानी पिएं। यह बलगम को पतला करने में मदद करता है।
किन्हें इसका सेवन ज़रूर करना चाहिए ?
- वे लोग जो प्रदूषण भरे शहरों में रहते हैं।
- धूम्रपान
करने वाले (Smokers) लोग जो अपने फेफड़ों को डिटॉक्स करना चाहते हैं।
- जिन्हें
मौसम बदलते ही एलर्जी हो जाती है।
- अस्थमा
या ब्रोंकाइटिस के मरीज़।
- बुजुर्ग:
जिनकी उम्र के साथ फेफड़े कमजोर हो गए हैं।
- बच्चे:
जिनकी इम्युनिटी कमजोर है और जो जल्दी सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाते हैं।
- प्रोफेशनल्स:
ट्रैफिक पुलिस, फैक्ट्री वर्कर, या धूल-मिट्टी में काम करने वाले लोग।
- गायक
(Singers) या वक्ता, जिन्हें अपनी आवाज़ और गले का खास ख्याल रखना होता है।
- पोस्ट-कोविड रिकवरी कर रहे लोग जिन्हें अभी भी कमजोरी या सांस फूलने की शिकायत है।
सावधानियाँ
और सुझाव (Precautions)
हालाँकि
यह एक प्राकृतिक उत्पाद
है, फिर भी कुछ
बातों का ध्यान रखना
समझदारी है:
- यदि आप मधुमेह (Diabetes) के रोगी हैं, तो इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें क्योंकि अवलेह में आमतौर पर गुड़ या चीनी का बेस होता है।
- गर्भवती
महिलाओं को किसी भी नए सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
- बेहतर
परिणाम के लिए, इसके सेवन के दौरान ठंडी चीज़ों (जैसे आइसक्रीम, ठंडा पानी) से परहेज़ करें।
ग्राहकों की राय (Customer Reviews & Feedback)
सोशल मीडिया और विभिन्न हेल्थ फोरम पर Elements Wellness Ayushwaas को काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया (Positive Reviews) मिल रही है।
- राहुल (दिल्ली) कहते हैं: "प्रदूषण की वजह से मुझे अक्सर सुबह छींकें आती थीं। Ayushwaas का इस्तेमाल एक महीने करने के बाद अब मुझे काफी राहत है।"
- सुनीता (मुंबई) कहती हैं: "मेरे बच्चे को बार-बार कफ हो जाता था, लेकिन दूध के साथ यह अवलेह देने से उसकी इम्युनिटी सुधरी है।"
निष्कर्ष (Conclusion)
अंत में, यह समझना ज़रूरी है कि "सेहत ही असली धन है।" हम अक्सर महंगी गाड़ियों और कपड़ों पर खर्च करते हैं, लेकिन अपने शरीर के इंजन—हमारे फेफड़ों—को नजरअंदाज कर देते हैं।
Elements Wellness Ayushwaas
केवल एक प्रोडक्ट नहीं,
बल्कि एक भरोसा है।
यह Mi Lifestyle
Marketing के बेहतरीन उत्पादों में से एक
है जो गुणवत्ता और
विश्वास का प्रतीक है।
रसायनों वाली दवाइयों की
आदत डालने के बजाय, प्रकृति
की गोद में लौटें।
अपने फेफड़ों को वह पोषण
दें जिसके वे हकदार हैं।
आज
ही Ayushwaas को अपने घर
लाएं और अपने परिवार
को एक स्वस्थ, सुरक्षित
और खुली हवा में
सांस लेने वाली जिंदगी
का तोहफा दें।
जब
हमारे पास प्रकृति की
शक्ति है, तो रसायनों
पर निर्भर क्यों रहें? आज ही अपने
और अपने परिवार के
स्वास्थ्य (Respiratory
Health) को प्राथमिकता दें। याद रखें,
जब फेफड़े स्वस्थ होंगे, तभी आप खुलकर
जीवन जी पाएंगे।
अक्सर
पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या Elements Wellness
Ayushwaas का कोई साइड इफेक्ट है? Ans: नहीं, यह पूरी तरह
से प्राकृतिक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से
बना है। इसका कोई
ज्ञात दुष्प्रभाव नहीं है। हालांकि,
अगर आपको किसी विशेष
जड़ी-बूटी से एलर्जी
है, तो डॉक्टर से
सलाह लें।
Q2: इसे कितने समय तक लेना चाहिए? Ans: आयुर्वेदिक औषधियां शरीर की प्रकृति
को धीरे-धीरे संतुलित
करती हैं। सर्वोत्तम परिणामों
के लिए, इसे कम
से कम 3 से 6 महीने
तक नियमित रूप से लेने
की सलाह दी जाती
है।
Q3: क्या इसे शुगर के मरीज ले सकते हैं? Ans: चूंकि यह एक अवलेह
है और इसमें मिठास
(Sugar/Jaggery base) हो
सकती है, मधुमेह (Diabetes) के रोगियों
को इसका सेवन करने
से पहले अपने चिकित्सक
से परामर्श अवश्य करना चाहिए या
शुगर-फ्री विकल्पों की
तलाश करनी चाहिए।
Q4: क्या इसे गर्मियों में लिया जा सकता है? Ans: जी हाँ, इसे
किसी भी मौसम में
लिया जा सकता है।
गर्मियों में आप इसकी
मात्रा थोड़ी कम कर सकते
हैं या इसे ठंडे
दूध की जगह सामान्य
तापमान वाले दूध के
साथ ले सकते हैं।
Q5: यह प्रोडक्ट कहाँ से मिलेगा? Ans: Elements Wellness के उत्पाद केवल अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर्स (Authorized Distributors) के माध्यम से ही बेचे जाते हैं ताकि आपको 100% असली प्रोडक्ट मिले।
अस्वीकरण (Disclaimer):
इस ब्लॉग पोस्ट में प्रदान की गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
Elements Wellness Ayushwaas एक आयुर्वेदिक प्रोप्राइटरी मेडिसिन/सप्लीमेंट है। यह किसी गंभीर बीमारी (जैसे कैंसर, टीबी आदि) को ठीक करने का दावा नहीं करता है।
गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और
गंभीर चिकित्सा स्थितियों वाले व्यक्तियों को
उपयोग से पहले अपने
चिकित्सक से परामर्श करना
चाहिए। परिणाम व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न
हो सकते हैं।
--- क्या आप भी अपनी इम्युनिटी बढ़ाना चाहते हैं? ---
हजारों लोगों ने Elements Wellness Ayushwaas के साथ अपनी सांस संबंधी समस्याओं को ठीक किया है। अब आपकी बारी है!
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